वह राजा की प्रिय रानी नहीं थी, परन्तु वह राजा की सबसे बड़ी रानी थी। बहु विवाह के उस युग में पति के ह्रदय में अधिक स्थान पाने वाली रानी ही शासन पर अपना अधिकार स्थापित करती थी एवं उसी की बातों का महत्व होता था। वह इस तथ्य सेContinue Reading

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